चांडिल बाँध – जमशेदपुर के आस पास के नज़ारे (Chandil Dam, Jharkhand)

आप सभी को नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनायें ! जैसा की सर्वविदित है की पुराने वर्ष की समाप्ति और नए वर्ष के आगमन के साथ ही हम सब एक नए हर्षोल्लास में डूब जाते हैं और आनंद प्राप्ति के नए -नए तरीके तलाशते हैं। इन्हीं क्षणों को यादगार बनाने का एक प्रयास होता है- पिकनिक।           अपने ही शहर जमशेदपुर के आसपास नजर दौड़ाने पर ढेर सारे पिकनिक स्थलों की सूची मन को लुभाते हैं। इनमे डिमना झील, जुबिली पार्क, हुडको आदि पहले से ही काफी प्रचलित हैं ही, लेकिन आज आपको ले चलता हूँ शहर से कुछ दुरी पर स्थित एक नवोदित आनंददायक जगह की ओर जो पिकनिक के लिए इन दिनों एक उभरता हुआ रोमांच साबित हो रहा है।

Panchghagh Falls: The safest waterfall near Khunti-Ranchi in Jharkhand

Top 4 waterfalls of Jharkhand- Hundru, Dassam, Hirni and Jonha

Hills and Valleys of Jharkhand- Parasnath, Netarhat, Dalma and Kiriburu.

नेतरहाट: छोटानागपुर की रानी (Netarhat: The Queen of Chhotanagpur)

किरीबुरू: झारखण्ड में जहाँ स्वर्ग है बसता (Kiriburu: A Place Where Heaven Exists)

जमशेदपुर में बाढ़ का एक अनोखा नमूना (Unforeseen Flood in Jamshedpur)

चाकुलिया एयरपोर्ट- क्या था विश्वयुद्ध-II के साथ झारखण्ड का सम्बन्ध? (Chakulia Airport: Jharkhand In World War II)

दशम जलप्रपात: झारखण्ड का एक सौंदर्य (Dassam Falls, Jharkhand)

हिरनी जलप्रपात और सारंडा के जंगलों में रमणीय झारखण्ड (Hirni Falls, Jharkhand)

चाईबासा का लुपुंगहुटू: पेड़ की जड़ों से निकलती गर्म जलधारा (Lupunghutu, Chaibasa: Where Water Flows From Tree-Root)

पतरातू घाटी: झारखण्ड की एक अनोखी घाटी ( Patratu Valley, Ranchi)

पारसनाथ: झारखण्ड की सबसे ऊँची चोटी (Parasnath Hills, Jharkhand)

चांडिल बाँध – जमशेदपुर के आस पास के नज़ारे (Chandil Dam, Jharkhand)

दलमा की पहाड़ियाँ : कुछ लम्हें झारखण्ड की पुकारती वादियों में भी (Dalma Hills, Jamshedpur)

जमशेदपुर से दीघा तक- नैनो और पल्सर (Jamshedpur to Digha: 300km by Nano and Bike)

            पिछले हफ्ते जमशेदपुर से लगभग चालीस किलोमीटर तय कर हम स्वर्णरेखा नदी पर बनाये गए इस बाँध की ओर अग्रसर हुए। राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 33 से मात्र पांच किलोमीटर पूर्व की ओर घने वृक्षों के बीचो-बीच गुजरते हुए इस विशाल जलाशय के करीब आना एक सुखद अनुभव था।  जैसा की आप जानते है की झारखण्ड वन सम्पदा से एक परिपूर्ण राज्य है, इस तथ्य का प्रमाण यहाँ भी मौजूद है। चारो ओर से ऊँचे-ऊँचे वनों से घिरे और हरियाली से ढके पहाड़ों के बीच यह विशाल जलराशि साक्षात समुद्री एहसास देता प्रतीत होता है।  

 सन 1990 में स्वर्णरेखा को रोककर बनाये गए इस बाँध का मूल उद्देश्य था औद्योगिक सम्बन्धीत, लेकिन साथ ही साथ पर्यटन के लिहाज से भी यह धीरे धीरे विकसित होता गया है। जल के विशाल परिमाण के साथ क्षितिज का मिलना बिलकुल एक सागर जैसा नजारा पैदा करता है। 220 मीटर ऊँचे इस बाँध में जल की आश्चर्यजनक गहराई करीब 190 मीटर है।     

झील की दायीं तरफ के पहाड़ी पर सैलानी अपना पसंदीदा ठिकाना ढूंढते हैं, और बायीं तरफ नौका विहार की भी सुविधा उपलब्ध है। आम दिनों में तो यहाँ कुछ खास भीड़-भाड़ नहीं होती पर पिकनिक के मौसम में लोगों का आवागमन काफी बढ़ जाता है। मुख्य सड़क के दोनों ओर कुछेक छोटे-मोटे दुकान और रेस्त्रां हमेशा उपलब्ध रहते हैं।  कुछ समय नौका विहार में और आसपास के नजारों को कैमरे में कैद करने के पश्चात वक़्त शाम का हो चला था और अब यहाँ से विदा लेने की बारी आ गयी।

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