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Showing posts from October, 2015

गंगटोक यात्रा: यमथांग घाटी- सिक्किम का स्वर्ग (Yumthang Valley: The Heaven of Sikkim)

जब भी आप हिमालय की बर्फाच्छादित चोटियों के बारे सोचते होंगे आपका ख्याल अकस्मात् ही कश्मीर या शिमला की तरफ जाता होगा। लेकिन सिर्फ कश्मीर या शिमला ही क्यों? भारत के पूर्वोत्तर राज्य सिक्किम के बारे कभी सुना है आपने? जी हाँ पहाड़ो की गोद में बसा हुआ एक छोटा सा राज्य जहाँ की बर्फीली वादियाँ मुझे बरबस यह लेख लिखने को मजबूर कर रही हैं। अगर आप भी मेरी तरह इन फिजाओ में रमना चाहते हैं तो आईये गंगटोक। मार्च 2013 में हम दार्जिलिंग से चार घंटे की यात्रा कर गंगटोक का मुख्य सड़क और बाज़ार जहाँ की गयी है फूलों से सजावट

दार्जिलिंग यात्रा: यहाँ से आप देख सकते हैं कंचनजंघा का सुनहरा नजारा (Tiger Hill, Darjeeling, West Bengal)

क्या आपने कभी किसी भी हिमालय की बर्फ वाली चोटी के दर्शन किये हैं ? बर्फीले पहाड़ पे कदम रखना किसी जन्नत पे कदम रखने के जैसा ही है लेकिन हर किसी को ऐसा मौका ही नसीब नहीं हो पाता। खैर जो भी हो लेकिन कम से कम आप दूर से ही उन बर्फ से ढके प्रकृति के एक अद्भुत सौंदर्य को देखकर कुछ सुकून जरूर महसूस कर सकते हैं। चलिए आपको ले चलते हैं एक ऐसी ही जगह पर जहाँ से आप हिमालय की तीसरी सबसे ऊँची चोटी के मनमोहक दृश्य का दीदार कर सकते हैं। हाँ आपने सही देखा है। आप देख रहे हैं दार्जिलिंग से दस किलोमीटर की दुरी पर स्थित टाइगर हिल से उगते हुए सूरज का एक गजब नजारा। लगभग नौ हजार फ़ीट की ऊंचाई पर है यह टाइगर हिल जिसे देखने हम सुबह चार बजे की भोर से ही निकल पड़े थे। रास्ते में अनेक खूबसूरत पेड़ और वादियो के बीच से गुजरते हुए हम आधे घंटे में वहां पहुँच गए। टिकट लेकर जब हम व्यू पॉइंट पर चढ़े तो देखा की सुबह से ही काफी भीड़ लगी हुई है। मार्च का महीना था इसीलिए मौसम साफ़ था वरना अस्सी प्रतिशत लोगों को बादलों के कारण इस दिलचस्प नज़ारे से महरूम होकर निराश लौटना पड़ता है। जैसे ही सूरज की पहली किरण दिखाई पड़ी ऐसा लग

एक्वाटिका इन कोलकाता: आज ब्लू है पानी पानी पानी....(Fun at Aquatica, Kolkata)

आज ब्लू है पानी पानी पानी …और दिन भी सानी सानी सानी... अरे अरे ये क्या ? क्या सोच रहा हूँ मैं ? ये क्या लिख दिया मैंने! ओह ! मन मेरा नाच रहा है एक ऐसी जगह में जहाँ आप डूब डूब के भी नहीं डूबेंगे लेकिन आप जरूर डूब जायेंगे ब्लू पानी के सागर में जहाँ की मस्ती आपको मस्ती से सराबोर और एक एक रोम को झकझोर कर देगी! अगर आप अपनी सोयी हुई रगों में एक नया तूफ़ान खड़ा करना चाहते हैं तो मेरे साथ चलिए कोलकाता के एक सुप्रसिद्ध वाटर पार्क एक्वाटिका (Aquatica) में , जहाँ आकर आप हो जायेंगे मदहोश और भर जायेगा रगों  में एक नया जोश!   एक दिन व्हाट्सऐप पर ऐसे ही हमलोगो ने ग्रुप चाट करते करते यहाँ आने का अचानक प्लान बना लिया और जमशेदपुर से रात दो बजे की ट्रेन पकड़ कर पहुंच गए सुबह सुबह दस लोग हावड़ा। वहाँ  से लगभग एक-डेढ़ घंटे बस की दुरी पर राजारहाट में है एक्वाटिका। मुझे यहाँ के बारे पहले कुछ पता न था पर एक दोस्त सुमित का आईडिया था यहाँ आने का।  सो हम लगभग नौ बजे की सुबह पहुंच गए पानी की एक नयी दुनिया में।      टिकट लेकर अंदर जैसे ही गए हमने देखा की अनेक लड़के लडकिया पानी के एक कृत्रिम सागर में ब्लू है पान

सफर से पहले जरूर रखें इन बातों का ख्याल

दोस्तों ! घूमना किसे अच्छा नहीं लगता ? लेकिन किसी भी सफर में निकलने से पहले कुछ जरुरी बातों का ख़्याल रखना बहुत ही जरूरी है ताकि आपको कोई परेशानी ना हो और आप यात्रा का भरपूर मजा उठा सकें। इसीलिए आप घर से निकलने से पहले इन बातों को गौर कर लें : -आप जहाँ भी जा रहे हों,

दिल्ली की दहलीज पर पहला कदम: (First Step in Delhi)

कहते हैं दिल्ली तो दिल वालों की है, लेकिन यह देश का वो  दिल है जहाँ की धड़कन ने सदियों से इस देश के इतिहास को गुंजयमान बनाया है। यह भारतबर्ष के अतीत का वो दस्तूर है जिसके बारे जितना लिखा जाय, कम  है।      आगरा और फतेहपुर सिकरी की गर्मी हम काफी झेल चुके थे, लेकिन फिर भी हमारा अगला पड़ाव था दिल्ली। आगरा से मात्र चार घंटे की ट्रेन यात्रा करके हम नयी दिल्ली रेलवे स्टेशन पर पहुचे। ट्रेन में हमें जबरदस्त भीड़ का सामना करना पड़ा। यह मेरी पहली महानगर यात्रा थी। स्टेशन से कुछ किमी की दुरी पर ही पहाड़गंज नाम का एक जगह है जहाँ आपको ठहरने के लिए हर बजट के होटल मिल जायेंगे। यही पर अराकसाँ रोड में हम होटल में दाखिल हुए और निकल पड़े अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार दिल्ली दर्शन करने।                  यूँ तो आप दिल्ली घूमने के लिए बसों का सहारा ले सकते है  मैट्रो की भी उत्तम व्यवस्था है ही। लेकिन इतने बड़े शहर में बिना किसी गाइड के घूमना हमारे लिए टेढ़ी खीर साबित हो रही थी। इसीलिए हमने एक ट्रेवल एजेंसी से अगले दिन का टूर बुक करवा लिया था और पहले दिन हम सिर्फ मेट्रो वगेरह में ही घूमते रहे