Skip to main content

फतेहपुर सिकरी: जिसे अकबर ने बसाया फुरसत से (Fatehpur Sikri: First Planned City of Mugals)

आगरा यात्रा के दूसरे चरण में मैं आपको ले जाऊंगा एक ऐसी जगह जो आगरा से मात्र ३७ किमी पर ही स्थित है। देखने तो हम सिर्फ ताजमहल आये थे पर जिनलोगों ने इसे बनाया था उनका भी अतीत जानने के लिए यहाँ आना नितांत आवश्यक है। इसीलिए सूरज की झुलसाती तपिश की परवाह न करते हुए हम निकल पड़े आगरा से मात्र एक घंटे की दुरी पर फतेहपुर सिकरी में, मुगलों  द्वारा नियोजित प्रथम शहर जिसे अकबर ने बसाया था।

सुबह आठ बजे का वक़्त था और  रास्ते में भी अनेक मुगलकालीन स्मारकों  को देखते हुए जाना था।  आगरा से कुछ ही दूर बढ़ने पर हम आ गए थे सिकंदरा में।  यहाँ किसी जमाने में अकबर की महफ़िल सजती थी। उस जमाने की कलाकृतियों को आप यहाँ बहुत करीब से देख सकते है और आश्चर्यचकित हुए बिना नहीं रह सकते।  रंग बिरंगी फूलो जैसी आकृति वाले पत्थरों पे की गई नक्काशियां वास्तव में एक उत्कृष्ट स्थापत्य कला का उदहारण है। अगर आप एक एक पत्थर को भी गौर से देखे तो आपको सिर्फ एक दीवार की आरजू उतारने में सारा दिन गुजर जायगा।
 नीचे के चित्र में आप सिकंदरा में अकबर के मकबरे का एक द्वार देख सकते हैं। यह सिकंदरा में आगरा से आठ किमी की दुरी पर है।
रास्ते में यूं तो और भी बहुत सारे मुगलकालीन स्मारकों की लम्बी फेहरिस्त थी लेकिन वक़्त की कमी और मौसम के मिजाज के वजह से जाना संभव न था।
 इसीलिए हमने जल्दी जल्दी अकबर की समाधी की ओर तेज कदम बढ़ाये जो की ऊपर के इस चित्र में है।
             अब हम सीधे अब फतेहपुर की ओर रवाना हो गए। ज्यों ही हम फतेहपुर सिकरी के परिसर में दाखिल हुए हमें अनेक टूरिस्ट गाइडो ने घेर लिया। सब हमें अपने साथ ले जाना चाह रहे थे। हमने किसी एक के साथ बातचीत कर सिकरी परिसर में कदम रखा। धुप काफी तेज थी और हम तुरंत कार से निकले थे इसीलिए हमें काफी दिक्कत का सामना करना पड़ा। अंदर दाखिल होने पर उसने हमें सेख सलीम चिस्ती का दरगाह दिखलाया। उसने बताया की मुग़ल के सोलहवे वंशज अभी भी नजदीक ही रहते है जो कालचक्र में राजा के जगह आम जीवन जी रहे हैं। यहाँ पानी की कमी हुआ करती थी जिसके कारण अकबर ने अपनी राजधानी को आगरा स्थानांतरित किया। भवन के अंदर एक प्राकृतिक वातानुकूलन की व्यवस्था थी। कहा जाता है की उस समय बगल में स्थित तालाब से हवा टकराकर इसके अंदर प्रवेश करती थी।
       इसी परिसर में शाहरुख़ खान के फिल्म परदेस के गाने दो दिल मिल रहे है.... मगर चुपके चुपके की शूटिंग हुई थी।
बाहर आने पर बुलंद दरवाजे की झलक मिली जो की लगभग ४५ मीटर की ऊंचाई की है।  यह भारत का सबसे बड़ा दरवाजा है और आज भी ज्यो की त्यों खड़ी है। बचपन में कभी किताबो में हम इसके बारे पढ़ा करते थे।  अब हमारा सफर खत्म हो चला था।  आगरा और फतेहपुर सिकरी की गरमा गरम यादों  के साथ हम अब इसे अलविदा कह गए।

Comments

  1. Taj Mahal is the most famous heritage monument and included seven wonders of the world if you want to visit taj mahal than Same day Agra Tour by car is the budget tour with lot of adventure. There is a very famous Travel Agency in Delhi India by the name of Ghum India Ghum they have all current and latest information about different destinations.

    ReplyDelete
  2. Taj Mahal is the most famous heritage monument and included seven wonders of the world if you want to visit taj mahal than Same day Agra Tour by car is the budget tour with lot of adventure. There is a very famous Travel Agency in Delhi India by the name of Ghum India Ghum they have all current and latest information about different destinations.

    ReplyDelete

Post a Comment

Popular posts from this blog

Which is the best berth in trains: Lower, Middle or Upper?

Which is the best berth in trains? You have mainly three choices in trains: lower, middle and upper berths. There are also side lower and side upper berths. In this post, we will be going to discuss about advantages and disadvantages of different types of train berths. However, different types of travelers may need or prefer a particular type of berth according to their ages, interests or physical conditions. Top 5 Flight Booking Sites in India for Domestic & International flights As you already know that there are many types of coaches in Indian trains like general, 2nd seating, AC chair car, sleeper, 3rd AC, 2nd AC and 1st AC. The general, 2nd seating or AC chair car coaches do not have the facility of sleeping. They are best suitable for day time journey. Thereafter, sleeper, 3rd AC, 2nd AC and 1st AC coaches have the facility of sleeping and comfortable for long and very long overnight journeys. The berths orientation in the sleeper and 3rd AC coaches are exactly same, only dif

Jalesh Cruise Package- Answers to all your doubts

Jalesh Cruise Package, so how to book ? As you are already aware of the most awaited luxury cruise service company- Jalesh Cruises which was launched in April 2019 this year. Prior to Jalesh Cruises, you must have heard of the popular Angriya Cruise which was launched in Oct 2018. But Angriya offered only the cruise service between Mumbai to Goa only. Jalesh Cruises is another luxury cruise service launched in India which is believed to be one of the first of its kind after Angriya Cruises. So, may be you have already read a lot about this new Jalesh Cruise Package or Jalesh Cruise Booking Details, I am going to produce a few common FAQ’s about their packages, booking information, destinations, itineraries etc. so that you may clear all of your doubts at a single place. Common FAQ’s about Jalesh Cruise Packages Booking (1) Which destinations does Jalesh Cruises run between? Answer: The Jalesh Cruise service is currently available between some domestic and some international destinatio

क्या थाईलैंड में सेक्स टूरिज्म या देह व्यापार क़ानूनी है? Is sex tourism legal in Thailand?

थाईलैंड टूरिज्म: एक नजर दोस्तों जैसा की आप यह भली भांति जानते हैं की थाईलैंड tourism दुनिया भर में काफी लोकप्रिय है जिसका प्रमुख कारण वहां का sex tourism या देह व्यापार है। थाईलैंड में घूमने के लिए तो बहुत सारी चीजें हैं- जैसे खूबसूरत sea beaches, मंदिर, पुराने स्मारक या historical monuments वगैरह। लेकिन फिर भी ऐसा माना जाता है की मुख्यतः लोग वहां जिस चीज के लिए जाते हैं वो sex tourism ही है, बाकी सभी चीजें secondary है या उतने important नहीं हैं। थाईलैंड यात्रा: कोलकाता से बैंकाक (Thailand Trip: Kolkata to Bangkok) बैंकाक से पटाया (Bangkok to Pattaya) पटाया की एक शाम और कोरल द्वीप की सैर (Walking Street and Coral Island, Pattaya) बैंकाक शहर- वाट फ़ो और वाट अरुण (Bangkok City: Wat Pho and Wat Arun) Buy Thailand 4G SIM(Siam Center, BKK or DMK Airport Pick Up) कुछ लोग ऐसे भी कहते मिलेंगे की एक बार थाईलैंड जाने के बाद character certificate बनवाना पड़ेगा क्योंकि वहां जाने का मतलब है चरित्र में दाग लगना ! वैसे ये कुछ conservative या पुराने ख्यालात वाले लोग ही कह सकते हैं, क्यों