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Showing posts from June, 2016

Couchsurfing की सहायता से दुनिया कैसे घूमें? (Travel Round The World With Couchsurfing)

             दोस्तों यह दौर इंटरनेट और सोशल मीडिया का है, हर वक़्त करोड़ों लोग इंटरनेट पर कुछ न कुछ सर्च करते ही रहते हैं। इंटरनेट पर आजकल सोशल मीडिया की धूम मची हुई है। सोशल मीडिया, इंटरनेट इस्तेमाल करने के सबसे शीर्ष कारणों में से एक है। आज अधिकतर इंटरनेट उपयोगकर्ता विभिन्न प्रकार के सोशल नेटवर्किंग साइटों जैसे की फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, पिंटेरेस्ट, गूगल प्लस आदि से चिपके रहते हैं। सिर्फ यही नहीं, आज तो हर वेबसाइट का एक मोबाइल एप्लीकेशन भी उपलब्ध है, हाल के वर्षों में हर व्यक्ति तक मोबाइल इंटरनेट की पहुँच के कारण ही हर सोशल मीडिया कंपनी ने अच्छा मोबाइल एप्लीकेशन विकसित करने की ओर भी बड़े जोर-शोर से ध्यान दिया है। आज के समय मेरे ख्याल से व्हाट्सऐप दुनिया का सबसे लोकप्रिय मोबाइल मेसेजिंग एप्लीकेशन है। अब जब मुझे यात्रा से जुड़ी सामग्रियों पर ही ध्यान केंद्रित करना है, तो आज आपको एक ऐसी वेबसाइट के बारे बताता हूँ, जो घुमक्कड़ों के लिए एक वरदान है, जिसका नाम है काउचसर्फिंग ( couchsurfing.com ).               काउचसर्फिंग भी एक प्रकार का नेटवर्किंग साईट ही है, पर कुछ अलग हटके है।

जमशेदपुर में बाढ़ का एक अनोखा नमूना (Unforeseen Flood in Jamshedpur)

बाढ़- यह एक ऐसी प्राकृतिक आपदा है जो समय समय पर अपनी विध्वंशकारी शक्तियों से हमारे जन-जीवन को अस्त-व्यस्त करते आई है। भारत के मैदानी हिस्से खासकर गंगा किनारे बसे गाँव-शहर तो हमेशा से बाढ़ की त्रासदी झेलते आये हैं। बिहार-बंगाल में कोशी और दामोदर नदियों का भयावह तांडव किसी से छुपा नहीं है, इसलिए इन्हें क्रमशः बिहार एवं बगाल का शोक भी कहा जाता है। खैर, बिहार, उत्तर प्रदेश जैसे क्षेत्र तो पूरी तरह से मैदानी ही हैं, इसीलिए इन राज्यों में बाढ़ का आना सर्वथा ही एक सामान्य सी बात है। इनके अलावा गुजरात, महाराष्ट्र, केरल, असम, उड़ीसा जैसे राज्य भी बाढ़ से त्रस्त ही रहते हैं। हर साल सैकड़ों घरों के डूब जाने की कहानी, खेतों-फसलों की बर्बादी जैसे इन राज्यों के निवासियों के ज़िन्दगी का एक अवांछनीय हिस्सा बन चुके हैं।        वहीँ दूसरी तरफ अगर हमारे राज्य झारखण्ड की बात करें, तो यह एक पठारी प्रदेश है, जहाँ की लगभग सभी नदियाँ ही बरसाती हैं। बरसात छोड़ कर साल के अधिकांश महीनों में इनमें नाम मात्र का ही पानी बहता है, किन्तु बरसात में इनका स्वरुप बदल जाता है। झारखण्ड की प्रमुख नदियों में स्वर्णरेख

How to Start a Journey

Starting a journey is a wonderful thing we all know, but is there anything to keep in mind before leaving home? Often, we forget some points and face some problems which may ruin the charm of the travelling. Here are some major things to remember as per my experience. (1) Gain the perfect knowledge of the place you are visiting. You may search in the internet or books. I think reading good travel blogs is a nice way. (2) "LESS LUGGAGE, EASY JOURNEY".  Pack only the stuff you need in the tour. Unnecessary goods will only waste your effort to carry them.

Android Apps Which Make You A Smart Traveller

               In the present era of digital world, no one would ever imagine of a smartphone without apps. Since, Android is the most common platform on the earth, it offers more than a  million of variety of apps for the users. The Android app store which is known as Google Play Store is flooded with all categories of apps, but whenever we search anything in the search box, a lot of similar looking apps will be listed up which definitely creates confusion to the users. Very few of them are proved to be useful and valuable indeed, but the rest are only a wastage of time.                   As this website focuses only on travel, some interesting apps are listed below which will make you a smart traveller as well as your journey easier. (1) Google Maps:  Obviously this app needs no introduction to you. Most of the devices have this app already installed. This app works good for looking up any location on the globe with normal and satellite views. Navigation system also wor

घुमक्कड़ी एक नजर और कुछ खट्टे-मीठे अनुभव (Some Mixed Experiences of My Journey So Far...)

दोस्तों हम सब जानते हैं की "घूमना" दुनिया के उन "जुनूनी शौकों" में शामिल है जिसकी थोड़ी बहुत मात्रा हर शख्स के अन्दर मौजूद है। हर व्यक्ति के लिए इस विषय पर अपने-अपने विचार हैं। ज्यादातर लोगों से पूछने पर वे यही कहेंगे की वे रोजमर्रा की उबाऊ ज़िन्दगी से कुछ समय के लिए छुटकारा पाने के लिए घूमना पसंद करते हैं, और वे साल में कम से कम एक बार लम्बी छुट्टी पर अवश्य कहीं न कहीं जाते ही हैं, चाहे देश हो या विदेश। कुछ लोग धार्मिक कारणों से भी भ्रमण पर निकलते हैं, लेकिन उनकी सीमा प्रायः धार्मिक स्थलों तक ही सीमित होती है। ये लोग सामान्य किस्म के पर्यटक या Tourist होते हैं।                                 लेकिन कुछ लोग ऐसे भी हैं जो सामान्य से कुछ अधिक ही जिज्ञासु किस्म के होते है, जुनूनी होते हैं, उनमें दुनिया देखने की इतनी लालसा होती है, की घूमने के लिए कुछ भी करने को तैयार रहते हैं। उनके लिए महंगे-महंगे होटल या रेस्टोरेंट मायने नहीं रखते, रात तो वे कहीं भी बिता सकते है, बस नयी-नयी चीजें देखने की तमन्ना पूरी होनी चाहिए। इस तरह के घुमक्कड़ प्रायः देश-दुनिया के इतिहास-भूगोल और रह