Skip to main content

अंडमान यात्रा का कार्यक्रम कैसे बनायें? (How to plan Andman Trip)

दोस्तों अब तक मैंने अंडमान के लगभग सारे मुख्य स्थानों के बारे अपना यात्रा वृतांत आपके साथ साझा कर दिया है। फिर भी संक्षिप्त रूप में एक और पोस्ट लिख रहा हूँ ताकि आपको भी अंडमान का कार्यक्रम बनाने में कुछ मदद मिल सके। अंडमान मुख्य भूमि से काफी दूर है, इसलिए ढेर सारे लोगों के मन में ये दुविधा जरूर रहती है की अंडमान कैसे जाएँ, कार्यक्रम कैसे बनायें, अंडमान तो खर्चीला होगा आदि आदि।

मुख्य भूमि (Mainland) से अंडमान कैसे जाएँ?

सबसे पहली बात- अंडमान जाने के लिए कोई सड़क या ट्रैन तो है नहीं, इस कारण आपके पास सिर्फ दो उपाय है- पहला पानी जहाज और दूसरा हवाई जहाज। 

पानी जहाज की जानकारी: पानी जहाज की सुविधा भारत के तीन मुख्य तटीय नगरों कोलकाता, विशाखापट्नम और चेन्नई से है। इन तीनों शहरों से दूरी लगभग एक ही यानि करीब बारह सौ किमी है और समय करीब साठ घंटे लगते हैं। पानी के जहाज में 2000 रूपये का बंक क्लास, फर्स्ट क्लास केबिन का 5000, सेकंड क्लास केबिन का 7000 और डीलक्स केबिन का किराया लगभग 9000 है। ये सारे आंकड़े मैंने राउंड फिगर में बताये हैं, सटीक किराये में हजार-पांच सौ रूपये का अंतर हो सकता है। और हां, इन किरायों में खाने-पीने का खर्च शामिल नहीं है, सात-आठ सौ रूपये उसके अलग से लगने हैं। आप अपने साथ कुछ सूखे खाने के सामान ले जा सकते हैं। 

पानी जहाज से क्यों जाएँ: अगर अपने कभी समुद्री सफर का एहसास नहीं, किया है और इस बार एक लम्बी समुद्री यात्रा करना चाहते हों, तो ये मौका आपके लिए बेहतर हो सकता है, अंडमान जाने का। अपने चारों ओर 360 डिग्री का पूरा गोलाकार समंदर का नजारा आप देख सकते हैं। 

पानी जहाज में क्या-क्या परेशानियाँ हैं? जैसे पहाड़ों पर जाने से उच्च पर्वतीय बीमारी या माउंटेन सिकनेस हो जाती है, ठीक वैसे ही अधिक समुद्री यात्रा करने पर भी सी सिकनेस (Sea Sickness) की सम्भावना होती है, पर जरुरी नहीं की आपको हो ही जाय। ऐसा होने की मई से जुलाई के महीने में सर्वाधिक सम्भावना होती है,  जबकि ठण्ड के दिनों यानि नवंबर से मार्च तक बहुत कम सम्भावना होती है। Avomine की गोलियां ले जाने की सलाह भी दी जाती है। 

दूसरी बात पानी जहाज से जाने में लगने वाले समय से आपको बोर लग सकता है, साठ घण्टे से ज्यादा समय भी लग सकता है, इसलिए आप एक तरफ अनुभव के लिए पानी जहाज से जाएँ, वापसी हवाई जहाज से करें। 

पानी जहाज की बुकिंग कैसे करें? वर्तमान में पानी जहाजों की कोई ऑनलाइन बुकिंग नहीं होती और यही सबसे बड़ी परेशानी है। आपको कम से कम पांच दिन पहले सीधे कोलकाता, चेन्नई या विशाखापत्तनम ऑफिस जाकर ही टिकट खरीदनी पड़ेगी। जहाजों के नाम हैं- 
  1. M. V. Nicobar
  2. M.V. Nancowry
  3. M.V. Akbar
  4. M.V. Harshavardhana
  5. M.V. Swaraj Dweep
अधिक जानकारी आप इस लिंक से प्राप्त कर सकते हैं- http://www.andamanbeacon.com/andaman_ship_schedule_fare.html 

हवाई जहाज के बारे: हवाई टिकट की बुकिंग में तो कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए, आप घर बैठे ही कर सकते हैं। पर हाँ, हवाई टिकट जितनी जल्दी आप कराएँगे, आपको उतना फायदा होगा। अधिकतम एक साल पहले तक आप बुकिंग करा सकते हैं, और किराया चार हजार व उससे भी कम हो सकता है। दिसंबर-जनवरी के पिक सीजन में तत्काल सीधे बुकिंग करने की कभी कोशिश मत कीजिए, किराये आसमान छूने लगते है- बीस हजार से भी ऊपर। वैसे पोर्ट ब्लेयर शहर तो लगभग सभी मुख्य महानगरों- दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई से हवाई मार्ग से जुड़ा हुआ है, लेकिन नॉन-स्टॉप उड़ान सिर्फ कोलकाता और चेन्नई से ही है, और किराया भी सबसे कम। उत्तर भारतीयों के लिए कोलकाता से उड़ान सबसे आसान होगा जबकि दक्षिण भारतीयों के लिए चेन्नई से। एयर इंडिया के अलावा निजी एयरलाइन सेवाओं की उड़ाने भी उपलब्ध हैं।

जाने का सबसे अच्छा मौसम: वैसे तो दिसंबर और जनवरी सबसे पिक समय होता है, पर उस समय वहां काफी भीड़-भाड़ भी होती है। होटल, ,टैक्सी, ऑटो ये सारे महंगे हो जाते हैं। साथ ही पानी जहाज के टिकट मिलने में भी दिक्कत आती है। अक्टूबर से मार्च तक अंडमान जाने का उपयुक्त समय माना जा सकता है, बारिश और गर्मी के मौसम छोड़ कर। गर्मियों में उमस भरा मौसम जीना बेहाल कर देगा और बारिश में पानी जहाज रद्द बहुत होते हैं, यात्रा कष्टमयी हो सकती है। 

अंडमान पहुँचने के बाद का कार्यक्रम कैसे बनाये?
अंडमान के तीन सबसे मुख्य स्थान है- पोर्ट ब्लेयर, नील एवं हैवलॉकये सारे दक्षिणी अंडमान में हैं। कम से कम तीन दिन तो पोर्ट ब्लेयर को ही चाहिए। समुद्री मार्ग से पोर्ट ब्लेयर से नील 36 जबकि हेवलॉक 55 किमी दूर है। कई लोग हेवलॉक सिर्फ एक दिन के लिए ही जाते है, सुबह जाकर उसी दिन शाम को लौट आते हैं, पर कम से कम एक दिन तो वहां रुकना ही चाहिए। बहुत से लोग नील द्वीप भी नहीं जाते, पर वहां भी एक दिन के लिए जा ही  सकते हैं। इसके अलावा पोर्ट ब्लेयर से सौ किमी उत्तर में स्थित बाराटांग जाकर उसी दिन वापस आ सकते है। इस तरह सिर्फ दक्षिण अंडमान अगर घूमना है तो एक हफ्ते का समय काफी है। 
                   अगर आपके पास दस दिनों का समय हो तो आप उत्तरी अंडमान भी जा सकते है। पोर्ट ब्लेयर से  उत्तरी अंडमान के सबसे आखिरी शहर डिगलीपुर की दूरी 325 किमी है, जिसके लिए दो तरीके हैं- सड़क मार्ग से बस द्वारा या समुद्री मार्ग द्वारा। सड़क मार्ग से जाते समय आप जारवा के जंगलबाराटांग, रंगत, मायाबंदर से गुजरते हुए जाते है। पोर्ट ब्लेयर से डिगलीपुर अगर डायरेक्ट चला जाय तो दस घंटे यानि दिन भर निकल जायगा। डिगलीपुर में एक या दो दिन तक रुका जा सकता है। रॉस एंड स्मिथ आइलैंड के लिए एक दिन तथा अंडमान की सबसे ऊँची छोटी पर अगर ट्रैक करने का इरादा हो तो एक दिन और चाहिए। डिगलीपुर से वापस आते समय मायाबंदर और रंगत देख सकते है, रंगत में ही रात बिता सकते हैं। अगले दिन बाराटांग घूमकर वापस पोर्ट ब्लेयर जा सकते हैं। आप इसका उल्टा भी कर सकते हैं यानि पहले बाराटांग देखते हुए रंगत में रात बिता सकते हैं, अगले दिन मायाबंदर देखते हुए शाम तक डिगलीपुर। डिगलीपुर के बाद सीधे पोर्ट ब्लेयर वापसी। इस प्रकार उत्तरी अंडमान के लिए कम से कम तीन या चार दिन लगेंगे। पहले डिगलीपुर से पोर्ट ब्लेयर की रात्रि फेरी सेवा भी थी, पर अभी ये बंद है, इससे एक दिन का समय बच सकता था। अभी सिर्फ दिन में ही फेरी सेवा है जिसमें आठ घंटे का समय लगता है। अंडमान के दर्शनीय स्थलों के बारे अधिक जानने के लिए इन लिंकों पर क्लिक कर सकते हैं-

***अंडमान के अन्य पोस्ट***
  1. वंडूर तट और दुनिया के सबसे अच्छे कोरल रीफ वाला जॉली बॉय द्वीप (Wondoor Beach and Jolly Bouy Island: One of the best Coral Reefs of the World)
  2. चिड़ियाटापू और मुंडा पहाड़ तट: समंदर में पहाड़ों पर सूर्यास्त! (Chidiyatapu and Munda Pahad Beach: Sunset in the hilly ocean)
  3. अंडमान का कार्यक्रम कैसे बनायें? (How to plan Andman Trip)
द्वीपों के बीच चलने वाले पानी जहाजों के बारे : अंडमान में दो प्रकार के पानी जहाज चलते हैं- सरकारी और प्राइवेट। सरकारी पानी जहाजों का किराया निजी जहाजों के मुकाबले काफी कम होता है, पर ये समय भी अधिक लेते हैं। निजी पानी जहाज कुछ वर्ष पहले शुरू किये गए हैं, उनमें टिकटों की श्रेणियां भी विभिन्न प्रकार की हैं और समय भी कम लेते हैं। लेकिन निजी पानी जहाज सिर्फ पोर्ट ब्लेयर से नील और हेवलॉक के लिए ही चलते हैं, जबकि सरकारी पानी जहाजों का नेटवर्क सभी जगह है। अगर आप पोर्ट ब्लेयर से रंगत या डिगलीपुर भी जाना चाहते हैं तो इसके लिए आपको सरकारी पानी जहाज ही मिलेगा। सरकारी पानी जहाजों की बुकिंग का एक निश्चित कार्यक्रम जारी किया जाता है और ये यात्रा से अधिकतम पांच दिन पहले  जारी किये जाते हैं, परन्तु इनका ऑनलाइन बुकिंग का कोई सिस्टम नहीं है और आपको सीधे उनके जेट्टी में काउंटर पर एक पहचान पत्र दिखाने पर ही टिकट दी जाएगी। अच्छी बात यह है की सभी बुकिंग काउंटर आपस में एक दूसरे से जुड़े हुए हैं और कहीं से कहीं का भी टिकट कराया जा सकता है। सभी सरकारी या प्राइवेट पानी जहाज पोर्ट ब्लेयर के फीनिक्स बे जेट्टी से ही प्रस्थान करते हैं।
दूसरी ओर निजी जहाजों की बुकिंग आराम से ऑनलाइन या किसी ट्रेवल एजेंट के द्वारा की जा सकती है। मैक्रूज, ग्रीन ओसन तथा कोस्टल क्रूज ये तीन निजी सेवाएं हैं। मैक्रूज की गति सबसे तेज है। इनके वेबसाइट लिंक इस प्रकार हैं- makruzz.com , greenoceancruise.com , trip.experienceandamans.com .
इनके अलावा छोटे द्वीपों पर छोटी दूरियों के लिए छोटे नाव चलते हैं जिनका किराया पांच-छह सौ रूपये के करीब होता है। कुछ ऐसे द्वीप हैं- पोर्ट ब्लेयर के आस-पास रॉस द्वीप, नार्थ बे, जॉली बॉय, डिगलीपुर का रॉस एंड स्मिथ आइलैंड। रॉस और नार्थ बे द्वीप के लिए पोर्ट ब्लेयर के राजीव गाँधी वाटर स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स से नाव मिलती है, जो की सेल्युलर जेल के ही पास है, जबकि जॉली बॉय के लिए वंडूर जाना पड़ता है जो पोर्ट ब्लेयर से तीस किमी दूर है।  डिगलीपुर के रॉस एंड स्मिथ के लिए एरियल बे जेट्टी से ही नाव मिलती है।

अंडमान में इनके अलावा और भी बहुत सारे द्वीप हैं जैसे लॉन्ग आइलैंड, लिटिल अंडमान आदि। इन सब टापुओं पर भी कुछ लोग जाते हैं. और सभी सिर्फ सरकारी पानी जहाजों से ही जुड़े हुए हैं।  अधिक जानकारी के लिए अंडमान टूरिज्म के वेबसाइट www.andamans.gov.in पर जा सकते हैं। 


अंडमान में सड़क यातायात के बारे: अंडमान के पोर्ट ब्लेयर शहर में बसों का नेटवर्क बड़ा ही अच्छा है और सभी दर्शनीय स्थलों जैसे सेल्युलर जेल, चाथम आरा मिल, चिड़ियाटापू, वंडूर, कोर्बिन तट आदि बस से ही जाया जा सकता है। आप चाहें तो बाइक भी किराये पर ले सकते हैं और ऑटो भी खूब चलते हैं। नील द्वीप में बस नहीं चलते, लेकिन साइकिल, बाइक या स्कूटी आसानी से किराये पर मिल जाते हैं।  बहुत ही छोटा द्वीप भी है, इसलिए पैदल भी घूम सकते हैं। हेवलॉक में भी बस एवं ऑटो चलते हैं, साथ ही बाइक या स्कूटी किराये पर मिल जाते हैं। लेकिन हेवलॉक में बस सिर्फ जेट्टी से राधानगर तट के मार्ग में ही चला करते हैं, अन्य मार्गों पर नहीं। बाकि लम्बी दूरी की सड़क यात्रा जैसे की पोर्ट ब्लेयर से बाराटांग, रंगत, मायाबंदर और डिगलीपुर के लिए रोजाना सरकारी और प्राइवेट दोनों तरह की बसें पोर्ट ब्लेयर के मोहनपुरा बस स्टैंड से चलती हैं। यह बस स्टैंड पोर्ट ब्लेयर के अबरदीन बाजार के पास ही है। रंगत और डिगलीपुर दोनों शहरों में भी लोकल बस और ऑटो खूब चलते हैं।

अंडमान में होटलों की स्थिति: पोर्ट ब्लेयर शहर में तो सैकड़ों होटल है, चार-पांच सौ रूपये से लेकर कई हजार तक। इसलिए पोर्ट ब्लेयर में कोई दिक्कत नहीं है। नील और हेवलॉक जरा महंगे हैं और ऑनलाइन बुकिंग करवा लेना ही अच्छा है, वरना वहां काफी परेशानी हो सकती है। ऑनलाइन बुकिंग करने पर नील-हेवलॉक में पांच से आठ सौ में बजट होटल मिल जायेंगे। ऑनलाइन बुक नहीं करने पर वहां एक हजार से नीचे कोई भी होटल का कमरा देने को राजी नहीं होगा। बाकि रंगत और डिगलीपुर में ऑनलाइन बुकिंग की कोई जरुरत नहीं है, आराम से वहां दो-तीन सौ में लॉज मिल जायेंगे। वहां के कुछ बड़े होटल ही इंटरनेट पर दिखाई देते हैं पर बड़े महंगे हैं।

अंडमान में भोजन की स्थिति: अंड़मान भी एक मिनी इंडिया ही है और सभी लोग मुख्य भूमि से ही वहां जाकर बसे हुए है, जबकि वहां के मूल आदिवासी तो मुख्य धारा में हैं ही नहीं। तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल से सर्वाधिक लोग बसे हुए हैं, फिर भी भाषा सबकी हिंदी ही है, तमिल और बंगला बाद में। खान-पान में मुख्यतः समुद्री मछली का प्रचलन अधिक है। भोजन में दक्षिण भारतीय स्वाद की अधिकता है। फिर भी शाकाहारी भोजन भी आराम से मिल जाता है।

सबसे अंत में मोबाइल नेटवर्क की जानकारी: अंडमान के जितने भी शहरी क्षेत्र जैसे की पोर्ट ब्लेयर, रंगत और डिगलीपुर में बीएसएनएल, एयरटेल और वोडाफोन का नेटवर्क मौजूद है, बाकि सभी सुदूर क्षेत्रों में बीएसएनएल मौजूद है। प्रीपेड-पोस्टपेड सभी चलते हैं। लेकिन मोबाइल पर इंटरनेट कहीं नहीं चलता, चाहे जो भी नेटवर्क हो। वहां जियो का भी कोई नेटवर्क नहीं है। वैसे लोकल सिम कार्ड में शायद बीएसएनएल का नेट थोड़ा-बहुत चल जाता है, पर रोमिंग सिम में नहीं चल पाता। इंटरनेट के लिए पूरा अंडमान सिर्फ बीएसएनएल के ब्रॉडबैंड के ही भरोसे है। इसीलिए अभी भी वहां साइबर कैफ़े चल रहे हैं जिनमें चालीस रूपये प्रति घंटे देकर आप मोबाइल पर भी वाई-फाई चला सकते हैं।

उम्मीद है, ये पोस्ट आपको बेहद पसंद आयी होगी।  अगर आपके मन में कोई और संदेह है तो आप कमेंट में पूछ सकते हैं। 
इस हिंदी यात्रा ब्लॉग की ताजा-तरीन नियमित पोस्ट के लिए फेसबुक के TRAVEL WITH RD पेज को अवश्य लाइक करें या ट्विटर पर  RD Prajapati  फॉलो करें साथ ही मेरे नए यूंट्यूब चैनल  YouTube.com/TravelWithRD भी सब्सक्राइब कर लें। 

***अंडमान के अन्य पोस्ट***
  1. वंडूर तट और दुनिया के सबसे अच्छे कोरल रीफ वाला जॉली बॉय द्वीप (Wondoor Beach and Jolly Bouy Island: One of the best Coral Reefs of the World)
  2. चिड़ियाटापू और मुंडा पहाड़ तट: समंदर में पहाड़ों पर सूर्यास्त! (Chidiyatapu and Munda Pahad Beach: Sunset in the hilly ocean)
  3. अंडमान का कार्यक्रम कैसे बनायें? (How to plan Andman Trip)




Comments

  1. बहुत अच्छी जानकारी दी है आपने आर डी सर।
    इसी तरह आगे भी लिखते रहिए
    बहुत बहुत धन्यवाद

    ReplyDelete
    Replies
    1. ब्रजेश जी बहुत बहुत धन्यवाद

      Delete
  2. वाह आपने बहुत विस्तार से जानकारी दी, जल्दी ही आपके अन्य लेख भी पढ़ता हूँ।

    ReplyDelete
    Replies
    1. धन्यवाद रस्तोगी जी!

      Delete
  3. Vistar se jankari Dene ke liye dhanyavad. Phir bhi agar kabhi andman Jana hua to aapse madad jrur lege

    ReplyDelete
    Replies
    1. जरुर सिन्हा जी , आपका स्वागत है!

      Delete
  4. Aap to tourism department ke liye shandar kaam kr rhe hain. Aapke blog pr aana pdega Ji ab toh

    ReplyDelete
    Replies
    1. बहुत बहुत धन्यवाद् इंदु जी !

      Delete
  5. बहुत ग़ज़ब जानकारी

    ReplyDelete
    Replies
    1. दिल से धन्यवाद प्रतीक जी

      Delete
  6. This comment has been removed by a blog administrator.

    ReplyDelete
  7. बहुत अच्छी जानकारी मिली है आज तो अंडमान के बारे में

    ReplyDelete
    Replies
    1. बहुत बहुत धन्यवाद् त्यागी जी

      Delete
  8. अंडमान की पूरी जानकारी सहित आपकी ये पोस्ट बहुत पसंद आई...

    अंडमान जाने वालो के लिए आपकी ये पोस्ट किसी खजाने से कम नही

    ReplyDelete
  9. बहुत बहुत शुक्रिया रितेश जी

    ReplyDelete
  10. VERY DETAIL & PERFECT INFORMATION ON ANDAMAN GROUP ISLANDS. I WAS THERE 8 MONTHS FOR OFFICIAL WORK. SEEN MANY PLACES IN ANDAMAN & NICOBAR AND HAVE NOT SEEN HUNDREDS OF OTHER BEAUTIFUL PLACES.
    YOU DESERVE LOT OF APPRECIATION FOR THIS POST. PL. MAKE SIMILAR INFO FOR NICOBAR GROUP OF ISLANDS ALSO.

    ReplyDelete
  11. Sir Andaman nicobar jane ke liye kya passports ki jrurt hai ?

    ReplyDelete
  12. Dear Rohit,
    Not at all. It is part of our country so you do not require any passport or permit for traveling in Andaman Islands. But For Nicobar group of Islands there are restrictions & permit is required from local administration at Port Blair. Few permissions are required for traveling to Tribal areas like Baratang etc. to prevent extinct tribes, which is arranged by Local Taxi/tour operators. Ship tickets are also arranged by tour operators or you can do yourself if you have time in hand.

    Worth traveling this golden beauty of Nature. But definitely some prior planning will be required for traveling, as ship tickets are to be booked well in advance.

    ReplyDelete
  13. mai up kaa rahne wala hmm mera exam patawari ka hoga so mujhe south andaman jana gai to mai kaiae, aau yaha kitna kharch lag sakata hai

    ReplyDelete
  14. Good Aap bahut achhi jankari di

    ReplyDelete
  15. आपकी जानकारी नरेंद्र टूरिस्ट के लिए ज्ञान वर्धक है।यह पेकेज वाला सिस्टममे क्या घर से शुरू है?
    इसमें यात्रा हवाई है या समुद्र से। कितना विश्वसनीय है यह पैकेज सिस्टम?

    ReplyDelete
    Replies
    1. पैकेज में हवाई जहाज यात्रा ही है, विश्वसनीय है परंतु महंगी। घर से या किसी नजदीकी बड़े शहर से पैकेज होगी।

      Delete
  16. सोच रहा हूं। देख ही आएं।

    ReplyDelete
  17. Great अब तो जान पड़ेगा

    ReplyDelete
  18. Bahut achhi jankari di aapne.portblare me ghumne ke liye koi daily bus ya auto sewa h kya

    ReplyDelete
    Replies
    1. बस, ऑटो उपलब्ध है, शेयर में

      Delete
  19. सर अंडमान में पीने का पानी की क्या व्यवस्था है।।।क्या हमें बोतल बंद पानी पर निर्भर होना होगा??

    ReplyDelete
    Replies
    1. नॉर्मल पानी भी मिलेगा

      Delete
  20. प्रजापति जी सर आपने बहुत अच्छी जानकारी दी

    ReplyDelete
  21. Dhanyawad jankari dene ke liye

    ReplyDelete
  22. kafi achchi jankari hai dear..mai bhi soch rha hu jane ki family k sath..but dr sa lg rha hai pehli bar family k sath jaane ki soch rha hu.....but thanks your post is so informative...thanks a lot..

    ReplyDelete
  23. Dimaag me udd rahe 1000 sawalo ko aapne solve kar diya....
    Bahut bahut dhanyawad bhai sahab.....
    9467450318.

    ReplyDelete

Post a Comment

Popular posts from this blog

Which is the best berth in trains: Lower, Middle or Upper?

Which is the best berth in trains? You have mainly three choices in trains: lower, middle and upper berths. There are also side lower and side upper berths. In this post, we will be going to discuss about advantages and disadvantages of different types of train berths. However, different types of travelers may need or prefer a particular type of berth according to their ages, interests or physical conditions. Top 5 Flight Booking Sites in India for Domestic & International flights As you already know that there are many types of coaches in Indian trains like general, 2nd seating, AC chair car, sleeper, 3rd AC, 2nd AC and 1st AC. The general, 2nd seating or AC chair car coaches do not have the facility of sleeping. They are best suitable for day time journey. Thereafter, sleeper, 3rd AC, 2nd AC and 1st AC coaches have the facility of sleeping and comfortable for long and very long overnight journeys. The berths orientation in the sleeper and 3rd AC coaches are exactly same, only dif

Top 4 waterfalls of Jharkhand- Hundru, Dassam, Hirni and Jonha

When the word ‘Jharkhand’ comes in our mind, we think forest, greenery, hills, valley, rivers etc. Jharkhand is such a state in our country which is very rich in mines and minerals, flora and fauna, but unfortunately, due to whatever reason, tourism has not sprouted here like other Indian states. This is still a tourist deficient region but in no way it ever means that it has not the capability to attract the mass. Jharkhand has almost every package that any traveler needs, it has a lot of possibilities in tourism. Jharkhand has got everything from the mother nature, but lacks only the fundamental and infrastructural development.   Hills and Valleys of Jharkhand- Parasnath, Netarhat, Dalma and Kiriburu. Panchghagh Falls: The safest waterfall near Khunti-Ranchi in Jharkhand  As I have already mentioned that Jharkhand has everything- hills, waterfalls, valley, rivers, but this post will be dedicated to the waterfalls of Jharkhand. This Indian state is fully a plateau landscape. In the ra

Jalesh Cruise Package- Answers to all your doubts

Jalesh Cruise Package, so how to book ? As you are already aware of the most awaited luxury cruise service company- Jalesh Cruises which was launched in April 2019 this year. Prior to Jalesh Cruises, you must have heard of the popular Angriya Cruise which was launched in Oct 2018. But Angriya offered only the cruise service between Mumbai to Goa only. Jalesh Cruises is another luxury cruise service launched in India which is believed to be one of the first of its kind after Angriya Cruises. So, may be you have already read a lot about this new Jalesh Cruise Package or Jalesh Cruise Booking Details, I am going to produce a few common FAQ’s about their packages, booking information, destinations, itineraries etc. so that you may clear all of your doubts at a single place. Common FAQ’s about Jalesh Cruise Packages Booking (1) Which destinations does Jalesh Cruises run between? Answer: The Jalesh Cruise service is currently available between some domestic and some international destinatio