कुम्भरार: पाटलिपुत्र के भग्नावशेष (Kumbhrar: The Ruins of Patliputra)

पाटलिपुत्र या आज का पटना अपने अन्दर अनेक एतिहासिक विरासतों को समेटा हुआ है। किसी काल में मौर्य शासकों की राजधानी होने के कारण सदा से ही यह शहर एतिहासिक चर्चा एवं अध्ययन का विषय रहा है। लेकिन क्या आपको पता है की इस शहर के इतिहास के बारे हमें इतनी सारी जानकारियां कहाँ से…

नालंदा विश्वविद्यालय के भग्नावशेष: एक स्वर्णिम अतीत (Ruins of Nalanda University)

विश्वप्रसिद्ध नालंदा विश्वविद्यालय के बारे तो आपने सुना ही होगा। आज से लगभग पंद्रह सौ साल पहले यह पूरी दुनिया के लिए उच्च शिक्षा का सिरमौर था, जहाँ सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि चीन, जापान, बर्मा, कोरिया, तिब्बत, फारस आदि देशों से भी विद्यार्थी पढने के लिए आते थे। इस महान विश्वविद्यालय के भग्नावशेष इसके वैभव का…

मगध की पहली राजधानी- राजगीर से कुछ पन्ने और स्वर्ण भंडार का रहस्य (Rajgir, Bihar)

जैसा की पिछले पोस्टों से विदित है की बिहार में पर्यटन की धुरी बोधगया-राजगीर-नालंदा के इर्द गिर्द ही घूमती है। राजगीर का प्राचीन नाम राजगृह था जो कभी मगध की राजधानी हुआ करती थी, लेकिन बाद में मौर्य शासक अजातशत्रु द्वारा मगध की राजधानी पाटलिपुत्र या आधुनिक पटना स्थानांतरित किया गया। हालाँकि, किस मौर्य शासक…

दशरथ मांझी: पर्वत से भी ऊँचे एक पुरुष की कहानी (Dashrath Manjhi: The Mountain Man)

बिहार के गया से लगभग तीस किलोमीटर दूर एक गाँव है गहलौर (अत्री ब्लॉक), पहाड़ी के किनारे किनारे जाती एक लम्बी वीरान सी सड़क, एक ओर से पूरी तरह पहाड़ी से घिरे होने के कारण सबसे नजदीकी शहर (वजीरगंज) जाने के लिए सत्तर-अस्सी किलोमीटर का लम्बा चक्कर, और तो और पीने का पानी भी लाने…

बोध गया: एक एतिहासिक विरासत (Bodh Gaya, Bihar)

यानि आज जिसे हम बिहार के नाम से जानते हैं, किसी काल में उन्नत बुद्धिजीवियों, कला व संस्कृति का मुख्य केंद्र था। मौर्य वंश की राजधानी पाटलिपुत्र या आधुनिक पटना तथा समीपवर्ती शहर राजगृह या आधुनिक राजगीर- आज बिहार के काफी महत्वपूर्ण एतिहासिक पर्यटन केंद्र बने हुए हैं।चन्द्रगुप्त मौर्य तथा अशोक के साम्राज्य के साथ…