चांडिल बाँध – जमशेदपुर के आस पास के नज़ारे (Chandil Dam, Jharkhand)

आप सभी को नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनायें ! जैसा की सर्वविदित है की पुराने वर्ष की समाप्ति और नए वर्ष के आगमन के साथ ही हम सब एक नए हर्षोल्लास में डूब जाते हैं और आनंद प्राप्ति के नए -नए तरीके तलाशते हैं। इन्हीं क्षणों को यादगार बनाने का एक प्रयास होता है- पिकनिक।          

कैसा रहा मेरा 2015 का यात्रानामा?

साल 2015 कुछ ही दिनों में हमसे विदा लेने वाला है और जल्द ही इतिहास के पन्नों में गुम हो जायेगा। यात्रा का शौकीन तो मैं हमेशा से था ही, लेकिन इस वर्ष आखिर क्या ख़ास किया मैंने? ब्लॉग जगत में प्रवेश के साथ ही यात्रा का मजा दिन दूनी और रात चौगुनी गति से

वो सबसे नजदीकी टापू और गंगा का समंदर में समा जाना (Sagar Island, Gangasagar)

कहा जाता है की भारत नदियों का देश है, जिनमें गंगा सर्वप्रमुख है। हिमालयी कंदराओं से उत्पन्न होती, हजारों मोड़ और वलय लेती तथा इसके किनारे बसे शहरों के लाखों-करोड़ों लोगों को जीविका देती इस गंगा का सागर से मिलन एक बहुत ही दिलचस्प तरीके से होता है दोस्तों। जी हाँ आज मैं आपको सैर

नीलगिरि माउंटेन रेलवे, ऊटी (Nilgiri Mountain Railway: Ooty to Coonoor)

चल छैयां छैयां छैयां….. देखा ही होगा आपने कभी न कभी इस गाने के वीडियो को। एक छुक छुक करती ट्रेन पर इसकी थिरकाने वाली धुन कुछ बरसों पहले सभी के जुबाँ पर सुनाई पड़ती थी। जी हाँ मैं बात कर रहा हूँ ऊटी के नीलगिरि माउंटेन रेलवे या यूँ कहे ऊटी के टॉय ट्रेन की,

ये हंसी वादियाँ आ गए हम कहाँ- ऊटी (Romance of Ooty)

बात अगर हसीं वादियों की की जाय तो सिर्फ हिमालयी चोटियाँ ही इनमें शुमार नहीं हैं, बल्कि दक्षिण भारतीय चोटियों का सौंदर्य भी बिल्कुल ही अनूठा है। तमिलनाडु के नीलगिरि पर्वतश्रेणी के ऊटी एवं कन्नूर भी प्रकृति के ऐसे ही सुंदरता का बखान करते हैं। कोयंबटूर से 80 किमी की यात्रा कर ज्यों ही हमने

आईये जानें आखिर कैसी होती है गोवा की नशीली शाम (Goa Part IV)

ये शाम मस्तानी…. मदहोश किये जा…. मुझे डोर कोई खींचे जी हाँ गोवा की शाम कुछ ऐसे ही झूमने और नाचने को मजबूर करेगी आपको। ब्लू पानी, चर्च, कोको ट्री ये सब तो भई दिन के नजारे हैं। यहाँ तो शामें भी काफी नशीली और रंगीन हुआ करती हैं! जैसे ही दिन ढलता है, गोवा