झारखण्ड न सिर्फ खनिज-खदानों से भरा पड़ा है, बल्कि यहाँ भी एक से बढ़कर एक अछूते रमणीय स्थल मौजूद हैं, जो की पर्यटन के लिहाज से अब तक अधिक विकसित नहीं हो पाएं हैं।  कल्पना कीजिये की अपने ही राज्य में अगर एक ऐसी जगह हो, जहाँ दिन की दुपहरिया में भी बादल पर्वतों को छूते