तो खैर ट्रेन की हेराफेरी के बाद पहली उड़ान के दम पर हम मुंबई आये और बस मार्ग से गोवा की ओर रवाना हुए। पुरे रास्ते भर नारियल पेड़ों का सौंदर्य और हरियाली देखकर तो चित्त प्रसन्न हो उठा। मन ही मन इन्ही नारियल पेड़ों को देखकर गोवा की एक काल्पनिक छवि दिलो-दिमाग में उभर