26 जुलाई 2016: मिशन लद्दाख का पांचवा दिन। भरतपुर में किसी तरह टूटी-फूटी नींद के साथ रात गुजारकर आँख खुली तो सुबह के छह बज रहे थे। धूप भी खिल चुकी थी, फिर भी आधे घंटे तक बिस्तर पर पड़ा रहा। सभी ग्रुप वाले भी ऊँघ ही रहे थे। बाहर निकला, सिर का भारीपन अब दूर हो चुका था,