साल 2015 कुछ ही दिनों में हमसे विदा लेने वाला है और जल्द ही इतिहास के पन्नों में गुम हो जायेगा। यात्रा का शौकीन तो मैं हमेशा से था ही, लेकिन इस वर्ष आखिर क्या ख़ास किया मैंने? ब्लॉग जगत में प्रवेश के साथ ही यात्रा का मजा दिन दूनी और रात चौगुनी गति से